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US टैरिफ का डर: भारतीय Stock Market में भारी गिरावट, निवेशकों को अब क्या करना चाहिए?

गुरुवार, 28 अगस्त 2025 को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखी गई। अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर 50% tariff लागू करने की खबर से Sensex और Nifty दोनों प्रमुख index लाल निशान में बंद हुए। जानिए इस गिरावट की पूरी वजह और आगे की रणनीति।

US टैरिफ का डर: भारतीय Stock Market में भारी गिरावट, निवेशकों को अब क्या करना चाहिए?

नमस्ते दोस्तों!

आज भारतीय stock market के लिए एक और मुश्किल दिन था। गुरुवार, 28 अगस्त 2025 को बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव हावी हो गया और दिन के अंत तक Sensex और Nifty दोनों ही प्रमुख index भारी गिरावट के साथ बंद हुए। चलिए, इस बड़ी गिरावट के पीछे की वजह को आसान भाषा में समझते हैं और जानते हैं कि एक retail investor के तौर पर आपको आगे क्या ध्यान रखना चाहिए।

क्या हुआ और यह क्यों अहम है?

आज की गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और भारत के बीच बढ़ता trade tension है। अमेरिका ने भारत से आने वाले सामानों पर अतिरिक्त 25% का tariff लगा दिया है, जिससे कुल tariff बढ़कर 50% हो गया है। यह tariff बुधवार, 27 अगस्त से लागू हो गया है, और इसी खबर ने बाजार में डर का माहौल बना दिया है। जब दुनिया की सबसे बड़ी economy इस तरह के कदम उठाती है, तो इसका असर दुनिया भर के बाजारों पर पड़ता है, और भारत भी इससे अछूता नहीं रहा।

बाजार का हाल: आंकड़ों की जुबानी

  • Sensex: दिन के कारोबार के अंत में BSE Sensex 706 अंक (लगभग 0.88%) गिरकर 80,080.57 पर बंद हुआ। दिन के दौरान, इसमें 774 अंकों तक की गिरावट भी देखी गई थी।
  • Nifty 50: वहीं, NSE का Nifty 50 index 211 अंक (लगभग 0.85%) की गिरावट के साथ 24,500.90 के स्तर पर बंद हुआ। Nifty ने दिन में 24,481 का निचला स्तर भी छुआ।

यह लगातार दूसरा दिन था जब बाजार में इतनी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इस बिकवाली का असर लगभग सभी sectors पर देखने को मिला। Realty, PSU Bank, Pharma, और Small-cap stocks में सबसे ज्यादा गिरावट रही।

Stock market graph showing a downward trend with red arrows indicating the fall of Sensex and Nifty.

गिरावट के पीछे के मुख्य कारण

  1. US Tariff का सीधा असर: जैसा कि हमने बताया, अमेरिका द्वारा 50% tariff लगाना सबसे बड़ा कारण है। इससे भारत से export होने वाले सामान महंगे हो जाएंगे, जिससे भारतीय कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ सकता है। इसी आशंका के चलते निवेशक अपना पैसा बाजार से निकाल रहे हैं।

  2. विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली: जब भी वैश्विक स्तर पर कोई अनिश्चितता होती है, तो Foreign Institutional Investors (FIIs) अक्सर भारतीय जैसे उभरते बाजारों से अपना पैसा निकालते हैं। आज भी FIIs की तरफ से बिकवाली का दबाव बना रहा, जिसने गिरावट को और गहरा कर दिया।

  3. बढ़ती Volatility: बाजार में डर का माहौल बढ़ने से India VIX, जिसे ‘डर का मीटर’ भी कहा जाता है, 3% से ज्यादा उछल गया। यह दिखाता है कि निवेशक बाजार की दिशा को लेकर चिंतित हैं और जोखिम लेने से बच रहे हैं।

  4. Sectoral दबाव: कुछ defensive sectors को छोड़कर लगभग सभी सेक्टर्स में बिकवाली देखी गई। HDFC Bank, ICICI Bank, Infosys और TCS जैसे बड़े stocks में गिरावट ने सूचकांकों पर सबसे ज्यादा दबाव डाला।

Retail Investors के लिए इसका क्या मतलब है?

बाजार में इस तरह की बड़ी गिरावट देखकर घबराना स्वाभाविक है, खासकर नए निवेशकों के लिए। लेकिन याद रखें, शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव एक सामान्य प्रक्रिया है।

  • शांत रहें, घबराकर न बेचें: अगर आपने अच्छी quality वाले stocks में लम्बे समय के लिए निवेश किया है, तो सिर्फ बाजार के गिरने से उन्हें बेचने की जल्दबाजी न करें।
  • SIP जारी रखें: अगर आप Mutual Funds में SIP के जरिए निवेश करते हैं, तो इसे जारी रखें। गिरावट के समय में आपकी SIP आपको ज्यादा units खरीदने का मौका देती है, जिससे long-term में ‘Rupee Cost Averaging’ का फायदा मिलता है।
  • खरीदारी का मौका? अनुभवी निवेशक ऐसी गिरावट को अच्छी कंपनियों के stocks सस्ते में खरीदने के एक मौके के तौर पर भी देखते हैं। लेकिन कोई भी नया निवेश करने से पहले अपनी research जरूर करें।

A retail investor looking thoughtfully at their portfolio on a laptop, with stock charts in the background.

आगे क्या देखें? (What to Watch Next?)

  • वैश्विक संकेत: आने वाले दिनों में अमेरिकी बाजार और trade tariffs से जुड़ी खबरों पर नजर रखें। वहां से आने वाले किसी भी सकारात्मक या नकारात्मक संकेत का सीधा असर हमारे बाजार पर पड़ेगा।
  • Nifty के Technical Levels: बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, Nifty के लिए 24,500 एक महत्वपूर्ण support level है। अगर Nifty इससे नीचे जाता है, तो 24,300 तक की और गिरावट देखने को मिल सकती है। वहीं, ऊपर की ओर 24,700 एक resistance level बना हुआ है।
  • FIIs का रुझान: विदेशी निवेशकों के निवेश के आंकड़ों पर ध्यान दें। उनकी वापसी बाजार में विश्वास लौटा सकती है।

कुल मिलाकर, बाजार में अभी कुछ समय तक अनिश्चितता का माहौल बना रह सकता है। ऐसे समय में धैर्य रखना और सोच-समझकर निवेश करना ही सबसे अच्छी रणनीति है।

यह लेख केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और निवेश पर सलाह नहीं है। निवेश से पहले अपना स्वयं का शोध अवश्य करें।

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